Koo App क्या है? क्या अब India का अपना Twitter ‘KOO’ Elon Musk के Twitter को चुनौती दे सकता है?

Koo App क्या है? क्या अब India का अपना Twitter ‘KOO’, Elon Musk के Twitter को चुनौती दे सकता है? 

Koo App क्या है? क्या अब India का अपना Twitter ‘KOO’, Elon Musk के Twitter को चुनौती दे सकता है? 


जी हाँ, दोस्तों India का अपना Twitter koo App Elon musk के ट्विटर को चुनौती दे सकता है। आज आपको कुछ ऐसी जानकारी मिलने वाली है जिससे आपको भी यकीन हो जाएगा की हमारे देश का ये ऐप ट्विटर को चुनौती दे सकता है।   

KOO ऐप जो एक सोशल न्यूज अपडेट और ओपिनियन शेयरिंग माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म है जिसने हालही में एक घोषणा की है कि उसके कुल डाउनलोड 50 मिलियन या 5 करोड़ का आंकड़ा पार कर गया है। इस साल  उपयोगकर्ता की संख्या मे काफी इजाफा देखा गया। साथ ही मे यूजर का टाइम स्पेंड और जुड़ाव में भी बड़ी वृद्धि देखने मिली है। 

ऐप की लगातार वृद्धि को देखते हुए ये अंदाज लगाया जा रहा है की 2023 के अंत तक और 50 मिलियन यूजर जुड़ेगे। 


App इंस्टॉल दर की लगातार वृद्धि और यूजर के समय व्यतीत करने और कम समय में इसे अपनाने के साथ Koo ऐप भारत के मूल भाषा बोलने वाले नागरिकों के बीच डिजिटल समावेशन को आगे बढ़ा रहा है। Koo अपने लॉन्च के बाद से सिर्फ दो साल के अंदर ही इस मुकाम को हासिल करने में सफल रहा है

koo के संस्थापक ने क्या कहा? 

इस उपलब्धि का जश्न मनाते हुए कंपनी द्वारा जारी एक बयान में, koo के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अप्रमेय राधाकृष्ण ने कहा, 

“Koo ऐप एक बहुभाषी सोशल नेटवर्क की मांग को पूरा करता है, जो भारत मे बोले जाने वाली विविध भाषा मे दैनिक विचारों को साझा करने में मदद करता है। हमारा तेजी से विकास और इसे अपनाना इस बात का प्रमाण है कि हम एक अरब भारतीयों की समस्या का समाधान कर रहे हैं”

‘आगे उन्होंने कहा, की हमारे लिए आने वाले समय मे काफी संभावनाएं हैं। देश में लगभग 80 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं, जिनमें से अधिकांश अपनी मूल भाषा में खुद को अभिव्यक्त करना चाहते हैं। उनके विचारों का आदान-प्रदान बंद समूहों और ज्ञात लोगों तक ही सीमित है। वे खुले इंटरनेट पर खुद को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने और खोजे जाने में असमर्थ हैं,

Koo एप क्या है?, और इसे क्यों लॉन्च किया गया? ।

Koo ऐप एक माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म है जिसे मार्च 2020 मे लॉन्च किया गया। यह ऐप वर्तमान में, 10 भाषाओं में उपलब्ध है - हिंदी, मराठी, गुजराती, पंजाबी, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, असमिया, बंगाली और अंग्रेजी। 

इस ऐप का मैन मकसद भारतीयों को अपनी मातृभाषा में खुद को ऑनलाइन व्यक्त करने में सक्षम बनाने का है। ऐप पर 7500 से अधिक प्रख्यात आवाजें, लाखों छात्र, शिक्षक, उद्यमी हैं। , कवि, नेता, लेखक, कलाकार, अभिनेता आदि अपनी मातृभाषा में सक्रिय रूप से पोस्ट कर रहे हैं।

Koo एप लगातार टेक्नोलॉजी में इन्वेस्ट करता जा रहा है, और अपनी पहुंच को दोगुना करने और अगले वर्ष 10 करोड़ या 10 करोड़ उपयोगकर्ताओं की उपलब्धि हासिल करने की भी उम्मीद लगाई है।
 Image Credit: Koo

जी हाँ, दोस्तों India का अपना Twitter koo App Elon musk के ट्विटर को चुनौती दे सकता है। आज आपको कुछ ऐसी जानकारी मिलने वाली है जिससे आपको भी यकीन हो जाएगा की हमारे देश का ये ऐप ट्विटर को चुनौती दे सकता है।   

KOO ऐप जो एक सोशल न्यूज अपडेट और ओपिनियन शेयरिंग माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म है, जिसने हालही में एक घोषणा की है कि उसके कुल डाउनलोड 50 मिलियन या 5 करोड़ का आंकड़ा पार कर गया है। इस साल  उपयोगकर्ता की संख्या मे काफी इजाफा देखा गया। साथ ही मे यूजर का टाइम स्पेंड और जुड़ाव में भी बड़ी वृद्धि देखने मिली है। 

ऐप की लगातार वृद्धि को देखते हुए ये अंदाज लगाया जा रहा है की 2023 के अंत तक और 50 मिलियन यूजर जुड़ेगे। 

App इंस्टॉल दर की लगातार वृद्धि और यूजर के समय व्यतीत करने और कम समय में इसे अपनाने के साथ Koo ऐप भारत के मूल भाषा बोलने वाले नागरिकों के बीच डिजिटल समावेशन को आगे बढ़ा रहा है। Koo अपने लॉन्च के बाद से सिर्फ दो साल के अंदर ही इस मुकाम को हासिल करने में सफल रहा है

Koo App को Download करे

Koo: Wissen, was los ist!
Koo: Wissen, was los ist!
Developer: Koo App
Price: Free
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Koo के संस्थापक ने क्या कहा? 

इस उपलब्धि का जश्न मनाते हुए कंपनी द्वारा जारी एक बयान में, koo के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अप्रमेय राधाकृष्ण ने कहा: 

“Koo ऐप एक बहुभाषी सोशल नेटवर्क की मांग को पूरा करता है, जो भारत मे बोले जाने वाली विविध भाषा मे दैनिक विचारों को साझा करने में मदद करता है। हमारा तेजी से विकास और इसे अपनाना इस बात का प्रमाण है कि हम एक अरब भारतीयों की समस्या का समाधान कर रहे हैं”

‘आगे उन्होंने कहा, की हमारे लिए आने वाले समय मे काफी संभावनाएं हैं। देश में लगभग 80 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं, जिनमें से अधिकांश अपनी मूल भाषा में खुद को अभिव्यक्त करना चाहते हैं। उनके विचारों का आदान-प्रदान बंद समूहों और ज्ञात लोगों तक ही सीमित है। वे खुले इंटरनेट पर खुद को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने और खोजे जाने में असमर्थ हैं,

Koo App क्या है?, और इसे क्यों लॉन्च किया गया?

Koo ऐप एक माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म है जिसे मार्च 2020 मे लॉन्च किया गया। यह ऐप वर्तमान में, 10 भाषाओं में उपलब्ध है – हिंदी, मराठी, गुजराती, पंजाबी, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, असमिया, बंगाली और अंग्रेजी। 

इस ऐप का मैन मकसद भारतीयों को अपनी मातृभाषा में खुद को ऑनलाइन व्यक्त करने में सक्षम बनाने का है। ऐप पर 7500 से अधिक प्रख्यात आवाजें, लाखों छात्र, शिक्षक, उद्यमी हैं। , कवि, नेता, लेखक, कलाकार, अभिनेता आदि अपनी मातृभाषा में सक्रिय रूप से पोस्ट कर रहे हैं।

Koo एप लगातार टेक्नोलॉजी में इन्वेस्ट करता जा रहा है, और अपनी पहुंच को दोगुना करने और अगले वर्ष 10 करोड़ या 10 करोड़ उपयोगकर्ताओं की उपलब्धि हासिल करने की भी उम्मीद लगाई है।

हाल ही में, एलोन मस्क और ट्विटर की एक न्यूज ने सभी को चोक दिया है। क्युकी ट्विटर ने अब verified profiles के ब्लू टीक के $ 8 का शुल्क लेने का निर्णय लिया है।

इस पर कटाक्ष करते हुए Koo के CEO अप्रमेय राधाकृष्ण ने अपने ट्वीट में, कहा की, “ट्विटर पर सभी प्यारे, वेरीफाई हैंडल, @kooindia में शामिल होने के लिए आपका स्वागत है और ‘मुफ़्त’ तत्काल वेरीफाई टिक के लिए कमेंट पर मुझे पिंग करें! हाय आपको प्रतिमाह 650 रुपये का भुगतान करने की कोई जरूरत नहीं है”

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हैलो दोस्तों, मैं JD, Hinditag.com का Author & Founder हूँ. मुझे Computer, Internet, Technology से सम्बंधित नयी नयी चीज़ों को सीखना और दूसरों को सिखाना बहुत पसंद है. यहा पर मैं कंप्यूटर, इंटरनेट के बारे में अपना ज्ञान साझा करता हूं.

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